चुप इसलिये हु कि

आगे सफर था और पीछे हमसफर था….
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हम सफर छूट जाता…
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मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता…उस वक्त मैं कहाँ जाता…
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मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हम सफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते….
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यूँ समँझ लो….
प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते…
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बस यही दो मसले, जिंदगी भर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
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वक़्त ने कहा…..काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा….काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
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सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…।। आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
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“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!!
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“शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
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पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता”

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बिसर गया है सब कुछ

बिसर गया है सब कुछ, मेरी लाईफ में !
कुछ यादें बची हैं, इस दिल के पेन ड्राईव में !!
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जिस दिन मैंने दुनिया में, लॉग इन किया !
सारा मोहल्ला खुशियों से रंगीन किया !!
:
स्कूल में मेरी, होती अक्सर पिटायी थी !
मैं 2G था, और मैडम वाईफाई थी !!
:
उस पर मेरा, सॉफ्टवेयर बडा पुराना था !
ट्यूब लाईट था मैं, जब CFL का जमाना था !!
:
गणित में तो, मैं बचपन से ही फ़्लॉप था !
भेजे का पासवर्ड, बड़े दिनों तक लॉक था !!
:
कितना भी मारो, भेजे को सिगनल मिलता
नहीं !
बिन सिगनल, जिंदगी का नेटवर्क चलता
नहीं !!
:
जब जब स्कूल जाने में, मैं लेट हुआ !
प्रिंसपल की डाँट से, सॉफ़्टवेयर अपडेट हुआ !!
:
हाईस्कूल में, ईश्क का वायरस घुस बैठा !
भेजे में सुरक्षित, सारा डाटा चूस बैठा !!
:
नजरों से नजरें टकरायी, 10th क्लास में !
मैसेज आया, मेरे दिल के इनबॉक्स में !!
:
जब जब मैंने, आगे बढकर पोक किया !
धीरे से उसने, नजरें झुकाकर रोक लिया !!
:
कॉलेज में देखा किसी गैर के साथ, तो मन बैठा !
ईश्क का वायरस, एंटीवायरस बन बैठा !!
:
वो रियल थी, लेकिन फ़ेक आईडी सी लगने
लगी !
बातों से अपनी, मेरे यारों को भी ठगने लगी !!
:
आयी वो वापस, दिल पे मेरे नॉक किया !
लेकिन फ़िर मैंने, खुद ही उसको ब्लॉक किया !!
:
मेरे जीवन में, अब प्यार के लिए स्पेस नहीं !
मैं ‘मीत’ हूँ पगली, मजनू का अवशेष नहीं !!
:
कॉलेज से निकला, दुनियादारी सीखने लगा !
बना मैं शायर, देशप्रेम पर लिखने लगा !!
:
जब दिल चाहे, तसवीर नयी बनाता हूँ !
आदमी को उसका, असली चेहरा दिखलाता हूँ !!
:
डरता है दिल, जिंदगी मेरी ना वेस्ट हो !
जो कुछ लिखूँ, सदियों तक कॉपी पेस्ट हो !!
:
ख्वाहिश है, मेरे गीत जहाँ में लाउड हों !
इस ‘ज़िंदगी’ का क्या है, जाने कब लॉग आउट
हो !

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