दोस्ती के दो पल

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है,
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है,
दोस्ती के दो पल जी भर के जी लो,
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है

This post has been viewed 1,562 times

कर्ज़दार हूँ मैं

तेरी दोस्ती ने बहुत कुछ सिख्लादिया,
मेरी खामोश दुनिया को जैसे हँसा दिया,
कर्ज़दार हूँ मैं खुदा का,
जिसने मुझे आप जैसे दोस्त से मिला दिया |

This post has been viewed 2,072 times